EPFO Pension Update: देश के निजी क्षेत्र में दशकों तक काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी अक्सर आर्थिक संघर्ष में बदल जाती है। कर्मचारी पेंशन योजना 1995 यानी EPS-95 इन्हीं कर्मचारियों के लिए बनाई गई थी, ताकि वृद्धावस्था में उन्हें एक नियमित आय मिलती रहे। यह योजना 1995 में शुरू हुई थी और इसके तहत नियोक्ता कर्मचारी के वेतन का 8.33% ईपीएफओ द्वारा प्रबंधित पेंशन फंड में जमा करता है, और कम से कम दस साल की सेवा तथा 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर कर्मचारी आजीवन पेंशन का पात्र बन जाता है। लेकिन साल 2014 से अब तक यह न्यूनतम पेंशन मात्र ₹1,000 प्रति माह ही बनी हुई है, जो आज की महंगाई के दौर में किसी के गुजारे के लिए नाकाफी है।
₹7,500 पेंशन की माँग — कहाँ तक पहुँचा मामला
पिछले कई वर्षों से पेंशनभोगी संगठन लगातार माँग करते आ रहे हैं कि न्यूनतम मासिक पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर कम से कम ₹7,500 किया जाए, साथ ही इसे महंगाई राहत यानी डीए से भी जोड़ा जाए।मार्च 2026 में पेंशनभोगियों ने जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय धरना-प्रदर्शन भी किया, जिससे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊर्जा मिली।हालाँकि, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने राज्यसभा में दिए अपने जवाब में स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल न्यूनतम पेंशन को ₹7,500 तक बढ़ाने का कोई अलग प्रस्ताव या निश्चित समयसीमा नहीं है और कोई भी ऐसा कदम पेंशन फंड की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखकर ही उठाया जाएगा।
वेतन सीमा और गणना पद्धति में सुधार का प्रस्ताव
भले ही ₹7,500 की पेंशन पर सरकारी मुहर नहीं लगी है, लेकिन EPFO 3.0 सुधारों के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव की तैयारी जरूर है। EPFO पेंशन गणना के लिए वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 करने पर विचार कर रही है, जिससे 6.5 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिल सकता है और मासिक पेंशन योगदान में करीब 66% की वृद्धि हो सकती है। अगर यह लागू होता है तो नियोक्ता का मासिक EPS योगदान ₹1,250 से बढ़कर लगभग ₹2,083 हो जाएगा। यह प्रस्ताव श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के पास समीक्षाधीन है। इससे भविष्य में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को अधिक पेंशन मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
संसदीय समिति ने की तत्काल समीक्षा की सिफारिश
इस पूरे मुद्दे को संसदीय स्तर पर भी गंभीरता से लिया जा रहा है। 17 मार्च 2026 को संसदीय स्थायी समिति ने ₹1,000 की मौजूदा पेंशन को “बुनियादी जरूरतों के लिए अपर्याप्त” करार देते हुए इसकी तत्काल और व्यापक समीक्षा की जोरदार सिफारिश की। समिति का मानना है कि एक बुजुर्ग पेंशनभोगी आज की महंगाई में दवाइयाँ, राशन और घर का किराया मात्र ₹1,000 में नहीं चला सकता। इस सिफारिश के बाद उम्मीद जगी है कि सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय लेगी, हालाँकि अंतिम घोषणा का इंतजार अभी बाकी है।
पेंशनभोगी अभी क्या करें — जरूरी सुझाव
जब तक सरकार कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं करती, पेंशनभोगियों को अपने दस्तावेज और खाते अपडेट रखना सबसे जरूरी काम है। ईपीएफओ ने सभी पेंशनभोगियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी आधार, बैंक खाता और KYC जानकारी EPFO के आधिकारिक पोर्टल या UMANG ऐप पर अपडेट रखें, ताकि कोई भी संशोधन लागू होने पर उनकी पेंशन बिना देरी के उनके खाते में पहुँचे। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली किसी भी खबर पर बिना जाँचे भरोसा न करें। सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल epfindia.gov.in और श्रम मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट को ही देखें।
अस्वीकरण: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, संसदीय रिकॉर्ड और सत्यापित समाचार स्रोतों पर आधारित है। EPS-95 पेंशन बढ़ोतरी अभी तक किसी आधिकारिक सरकारी अधिसूचना द्वारा अंतिम रूप से स्वीकृत नहीं हुई है। पात्रता, राशि और लागू होने की तिथि केवल सरकार की अंतिम घोषणा के बाद ही निश्चित होगी। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले कृपया epfindia.gov.in या नजदीकी ईपीएफओ कार्यालय से प्रामाणिक जानकारी अवश्य प्राप्त करें।









